मिनरल वॉटर/पॅकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर उद्योग (Packed Drinking Mineral Water Bottle Plant Business)

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पानी की बोतल कभी खरीद न ली हो ऐसा मनुष्य किसी ने संसार में देखाही नहीं होगा।कभी ना कभी किसी न किसी कारण से पानी की बोतल खरीदनी ही पड़ती हैं।

 मनुष्य सफर के लिए चल पड़ने पर बस स्टेड, रेल्वे स्टेड आदि जगह पर प्यास लगने पर पानी की बोतल खरीद लेता है। पानी की बोतल रिटेल बिक्री से पंद्रह रुपये में बेची जाती हैं। पानी की बोतल बेचनेवाला संसार का पहला मनुष्य बिसलरी है।

बिसलरी की बोतल दो ऐसा ही हम दूकान में पानी की बोतल खरीदते वक्त कहते हैं। पानी की बोतल मतलब बिसलरी की बोतल । इतनी प्रसिद्धी बिसलरी के उत्पादन की हुई । बिसलरी इस व्यक्ति ने पहल  ड्रिंकिंग  वाटर उत्पादन करने का निश्चय किया तब सहव्यवसायिक दोस्तों ने उन्हें मुर्ख ठहराया ।

 उसके मित्रों ने उसे कहा कि संसार में पानी की उपलब्धता बहुत होने से, प्राकृतिक स्रोतों से मुफ्त पानी प्राप्त होता हो तो पैसाखर्चा करके पानी कोई खरीद लेगा क्या? तब बिसलरी ने अपने मित्रों को बताया कि आज नहीं परंतु कल लोग दूध की कीमत से भी अधिक कीमत देकर पानी खरीद लेंगे।

 विश्व के आधुनिकीकरण के कारण उसने आज कोन क्या बेचता है और बाजार में ग्राहक क्या मांग रहे हैं इसका विचार किया। लोगों की सुविधा हो जायेगी ऐसा अत्यावश्यक उत्पादन पानी उसने बोतल में सीलबद करके बेचना शुरु किया । जिस काल में दूध भी कम कीमत में मिलता था, उसकाल में उसने पानी बेचना शुरु किया।

 आज सचमुच ऐसी परिस्थिती हैं कि दूध की अपेक्षा अच्छी कीमत पॅकेज्ड ड्रिंकिंग  वॉटर मतलब शुद्ध जल को मिल रही हैं। मनुष्य को होनेवाली अधिकतर बड़ी बीमारियाँ और व्याधियाँ दृषित जल के कारण हो रही है । शुद्ध जल पीना समय की जरूरत है।

 संसार के अधिक देशों की और हमारे देश की जनसंख्या अधिकतर साक्षर हो चुकी हैं। लोगों को स्वच्छता की और शुदधता की जरूरत समझ आ चुकी हैं। बीमार पड़ के, दुषित पानी पीकर अस्पताल में हजारो रुपये इलाजपर खर्च करने की अपेक्षा पंद्रह रुपये देकर शुध्द जल की बोतल लेकर पानी पीने के लिए लोग तैयार हैं।

 बिसलरी के कहने के मुताबिक आज पानी बेचकर मल्टी नैशनल और देशी कंपनियाँ हजारों-करोड़ों रुपयों का व्यापार कर रही । हैं और नफा भी कमा रही हैं। उत्पादन खर्चा कम और बिक्रीमूल्य अधिक होने से पॅकेज्ड ड्रिंकींग वॉटर उत्पादनं करके बिक्री करने के व्यवसाय में नफे का प्रमाण दूगुना से भी अधिक होने से नवउद्योजको को मिनरल वॉटर उत्पादन व्यवसाय में अच्छा मौका हैं।

 एक बार ही व्यवसाय मैं पैसा लगाकर जिंदगी भर नफा कमाते रहने जैसा यह व्यवसाय हैं । पैसा थोड़ा अधिक लगाना पड़ता हैं परंतु उस दृष्टी से नफा भी दोगुना से अधिक मिलता हैं। व्यवसाय के कारण घुमने के लिए, शिक्षा के लिए, कार्यक्रमों के लिए, पर्यटन के लिए ऐसे किसी न किसी कारण से हर मनुष्य को आज सफर करना ही पड़ता हैं।

 सफर में हर मनुष्य पानी लेकर जायेगा ही ऐसा नहीं और लेकर गया हुआ पानी खत्म होने पर उसे फिर प्यास लगने के बाद पानी खरीदकर पीना ही पड़ता है। शुद्ध पानी की बोतलें आज बस-स्थानक, रेल स्थानक बिअर-बार,  कोल्ड्रींक्स इन दुकानों के साथ ही किराणा माल के, औषधियों के दुकान में मिलती |

 हैं।

 पहले मनुष्य प्यास लगने पर होटल’ मे अथवा ‘प्याऊ पर जाकर पानी पीता था। परंतु आज वे दिन नहीं रहें। हॉटेल का, प्याऊ का पानी शुद्ध होगा ही इसकी निश्चिती नहीं है। इसी कारण लोग पास के दुकानों में जाकर बिसलरी की बोतल खरीदकर पानी पीना पसंद करते हैं।

 होटल में खाना खाने के बाद भी बहुत से लोग | होटल के टेबल पर रखे गिलास का पानी पीने की अपेक्षा पॅकेज्ड ड्रिकींग वॉटर की बोतल मँगवाकर पानी पीते हैं। कारण आधुनिकीकरण का एक विपरित परिणाम भी हो चुका हैं अथवा हो रहा हैं।

पानी शुद्ध होना कितना जरुरी हैं  

औद्योगिक वसाहतों ने, कंपनियाँ कारखाने, शहर के आसपास की रासायनिक उत्पादनों की कंपनियाँ अपनी रासायनिक प्रक्रिया में से दूषित हुआ पानी नजदीक के ड्रेनेज व्यवस्था के गटर मे छोडते हैं। यह पानी नदी नालों में मिलता हैं ।

 पानी की आपूर्ति करनेवाली ग्रामपंचायत, नगरपालिका की जलशुद्धीकरण केंद्रे सौ फीसदी कार्यान्वित होती ही हैं, ऐसा नहीं और फिर वही पानी नल पानी योजना पीने के लिए आपूर्ति करती हैं। बीमारियों को निमंत्रण देने वाले | और उसके लिए कारण होनेवाले अनेक जीव-जंतू और जहरीले घटक इस पानी मे से मानवी शरीर में प्रवेश करते हैं और फिर लोगों को कई बीमारियाँ होती हैं।

 दूषित पानी जमीन में संचित होने से जमीन के अंदर का जलस्रोतें प्रदूषित होता हैं। और इसी कारण बोअरवेल को आनेवाला पानी भी लॅबोरेटरी से जाँचकर ही यदि वह पानी पीने योग्य हो तो ही पी लें ऐसी सलाह दी जाती हैं। इसलिए आज पानी शुद्ध होना कितना जरुरी हैं इसकी जानकारी लोगों को होने से समय पड़ने पर पैसे देने पड़े तो भी चलेगा परंतु पीने के लिए शुद्ध पानी का ही उपयोग करेंगे ऐसी लोगों की मानसिकता हैं।

 घर-घर में लोग अब वॉटर प्युरीफायर मशीनरी से शुद्ध किया हुआ पानी पी रहे हैं। बाजार में मिलनेवाली विविध कंपनियों की उत्पादने यह पॅकेज्ड ड्रिंकींग वॉटर होती हैं। परंतु वह सभी उत्पादने मिनरल वॉटर नहीं होती। शुद्ध पानी के लिए ‘ब्युरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड’ मतलब (B.I.S) ने तय की हुई शर्ते और नियमावली के अनुसार ही पानी का व्यापारी उत्पादनं करना हैं। ‘पॅकेज्ड ड्रिंकींग वॉटर’ में मनुष्य शरीर को हानिकारक, होनेवाले सभी प्रकार के क्षार कम किए जाते हैं।

 जैसे कॅल्शियम, मॅग्नेशियम, क्लोराईड, सल्फेट, क्लोरिन आदि । इनमें से क्लोरीन नाम का जो क्षार हैं वह शुद्धीकरण प्रक्रिया में पूर्णतः कम किया जाता हैं और अन्य क्षारों का प्रमाण (B.I.S) ने तय करके दिए हुए मर्यादा तक कम किया जाता है।

 यदि शुद्धीकरण प्रक्रिया में यंत्रसामग्री की क्षमता अधिक हो तो उस पानी  के सभी प्रकार के क्षार पूर्णतः कम किये जाते हैं। पॅकेज्ड ड्रिंकींग वॉटर मतलब पानी शुद्धीकरण प्रकल्प के लिए प्रति दिन दो, चार, आठ हजार लीटर पानी शुद्धीकरण क्षमता होनेवाली मशीनरी मिलती हैं।

 इस मशीनरी को रिव्हर्स ॲस्मॉसिस (आर.ओ.) मशीन कहते हैं। ‘पॅकेज्ड ड्रिकींग वॉटर’ में बाहर से कोई भी क्षार वगैरा समाविष्ट नहीं किये जाते । व्यापारी उत्पादन के लिए लेनेवाला पानी संभवत: बोअरवेल से लिया जाता हैं। पानी यह मनुष्य जीवन की अत्यावश्यक जरुरत हैं और ऐसे उत्पादित पानी से कोई बीमारी वगैरा न हो इसके लिए यह पानी ‘(B.I.S). के लॅब’के पास जाँचने के लिए भेजकर उनके लॅब की ओर से रिपोर्ट आने के बाद उत्पादन शुरु करना पड़ता हैं।

 प्रतिदिन उत्पादित की हुई बोतलें, ड्रम इस पर पानी की एक्सपायर डेट लिखकर, बॅच नंबर लिखना पड़ता हैं । अन्न और औषध प्रशासन और (B.I.S) का मंजूरी-प्रमाणपत्र उत्पादन शुरु करने के पूर्व लेना पड़ता हैं। एक लीटर से बीस लीटर क्षमता की बोतलें और कॅन पर उत्पादन के दिन के बाद साधारन बेस्ट बिफोर सिक्स मंथ ऑफ पॅकेजींग डेट ऐसा अभिप्राय देना पड़ता हैं ।

 एक लीटर, आधा लिटर पानी बोतलों में पॅक किया जाता है, तो दो सौ मी.ली. के पैकींग के लिए पॉलिथिन थैलियों का उपयोग किया जाता हैं। पांच लीटर से बीस लीटर पैकींग के लिए प्लॅस्टिक के कॅन का उपयोग किया जाता हैं। ऐसे प्लॅस्टिक के कॅन संभवत- कार्यालये, अस्पताल्स, होटल्स् इन्हें दिए जाते हैं।

शुद्ध पानी की लॅब से जाँच

 उत्पादन शुरु करने के पूर्व व्यापारी उपयोंगो के लिए जिस पानी का उपयोग करना हैं वह पानी बी. ई. एस्. के लॅब से चेक करके उनसे रिपोर्ट आने के बाद तैयार किया हुआ शुद्ध पानी फिर बी.ई.एस्. के लॅब के पास जाँचने के लिए भेजना पड़ता हैं।

 उनके नियमावली के अनुसार वह पानी पीने के लिए योग्य हैं ऐसा उनका अहवाल (रिपोर्ट) मिलने के बाद व्यापारी को उत्पादन शुरु करना होता है। पानी शुद्धिकरण प्रक्रिया में बोअर में से पानी लेकर ‘सँड फिल्टर’ में पानी छोड़ा जाता हैं। सँड फिल्टर मशीन की सहायता से पानी का कार्बन पूर्णतः निकाला जाता हैं।

 कार्बनयुक्त हुआ पानी सॉफ्टनर में छोड़ा जाता हैं। सॉफ्टनर में पानी छोडकर  उस जगह वह पानी पूर्णत हल्का किया जाता हैं । इस प्रक्रिया के बाद वह पानी वहाँ से रिझर्व ऑसमॉसीस मतलब आर ओ मशीन में छोडा जाता हैं । रिव्हर्स ऑसमॉसीस मशीन में मेमरेन होता है। इस मशीन के दवारा मुख्य शुद्धीकरण प्रक्रिया की जाती हैं।

 आर. ओ. में जितना पानी लिया जाता है. इसमें से पच्चास प्रतिशत पानी शुद्ध पानी बिक्री के लिए पैकींग किया जाता हैं। शुद्ध किया पानी एक बड़ी टंकी में संचित(जमा) किया जाता हैं। पानी में होनेवाले क्षार, मिट्टी अथवा कुडा-कचरा, धातु इनके आँखों को भी न दिखनेवालं छोटे कण उसमें से निकाले जाते हैं ।

इसके लिए मायक्रॉन फिल्टर मशीन का उपयोग किया जाता हैं। 0.4 मायक्रॉन का फिल्टर और यु. व्ही. ट्युबज इनमें से यह शुद्ध पानी अत्यंत जोर देकर आगे पास करके ही वह पानी पैकींग के लिए लिया जाता हैं। छोटे-बड़े कोई भी कण इस पानी में न रहें इसकी खबरदारी ली जाती हैं।

 मिनरल वॉटर यह सभी जगहों पर अर्थात् दूकाने, रेस्तरों में, रेल-स्टेशन, बस-स्थानक आदि जगहों पर सहज उपलब्ध होते हैं। ये पानी की बोतलें उपयोग करने के लिए बहुत सुविधाजनक होती हैं। पॅक्ड नॅचरल मिनरल वॉटर इसके लिए प्राकृतिक स्रोतों से पानी प्राप्त किया जाता हैं अथवी जमीन के अंदर के पानी का उपयोग किया जाता हैं और वह बोतलों में पॅक किया जाता हैं।

 इस दरमियान कुछ प्रक्रियाएँ की जाती हैं। जैसे-फिल्ट्रेशन, डिकॅमटेशन, येईरशन अथवा डिस इन्फेक्शन इसके अलावा दूसरी कोई भी प्रक्रिया की नहीं जाती । ट्रिटमेंटस अनावश्यक सूक्ष्मजीव-जंतू जैसे बॅक्टेरिया वगैरा निकालने के लिए दी जाती हैं। ब्युरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड मतलब (B.I.S)ने ऊपर दिए हुए दो प्रकार के पानी के लिए दो इंडियन स्टैंडर्डस पब्लिश की हैं।

1) आय. एस्. 13428 – “पॅक्ड नॅचरल मिनरल वॉटर!”

स्पष्टीकरण (व्याख्या):

(1) यह पानी प्राकृतिक पानी हो अथवा जमीन के अंदर के स्रोतो से प्राप्त किया हो। ऐसा पानी का स्त्रोत राज्य अथवा केंद्रीय सरकार का भूअंतर्गत पानी का अधिकार प्राप्त किया हुआ हो।

(2) उत्पादन के लिए उपयोग में लानेवाले ऐसे स्त्रोतो से पानी प्राप्त करते वक्त उसका पूरा ध्यान रखा हुआ हो । उसमे से प्राकृतिक सूक्ष्म जीव-जंतू व उस पानी का प्राकृतिक केमिकल कंपोजिशन जैसा है वैसा ही रहता हैं।

(3) वह पानी स्त्रोतों के पास ही रुकवाईए और उसकी खबरदारी ले के, वहाँ का वातावरण हायजेनिक हो।

(4) इस पानी मे कुछ प्रमाण में मिनरल सॉल्ट जैसे कुछ अन्य घटक होते हैं। तो उनका प्रमाण उचित रखो

(5) आय. एस्. 14543 – “पॅकेज्ड ड्रिकींग वॉटर”

स्पष्टीकरण (व्याख्या):

इसमें का पानी सुविधा जनक स्रोतों से प्राप्त किया जाता हैं। उन पर कुछ प्रक्रिया जैसे-डिकॅनटेशन, फिल्ट्रेशन, डिमिनरलायझेशन, रिमिनरलायझेशन, रिवर्स ऑसमोसेस, डिसइन्फेक्शन आदि किया जाता हैं और वह पानी बोतलों में हायजेनिक वातावरण में पॅक किया जाता हैं।

आय. एस. आय.(ISI) मार्क की महत्वता

 बोतलों पर होनेवाला आय. एस. आय. मार्क यह संबोधित करता हैं कि, वह उत्पादन योग्य कच्चा माल, योग्य प्रक्रिया, फायनल टेस्टींग प्रॉपर हायजेनिक वातावरण ये सब तय करके दिए हुए इंडियन स्टैंडर्स के अनुसार हैं। ध्यान में रखो कि, आय.एस.आय. मार्क पर ऊपर की ओर स्टैंडर्स नंबर्स और नीचे की बाजू की ओर लायसन्स नंबर जे.बी.आय.एस्. की ओर से प्रदान किया जाता हैं, वह उचित ही जगहों पर हो। आय. एस्. आय. मार्क होनेवाली पानी की बोतले यह सुरक्षित और घातक-जीव-जंतूओ से मुक्त है ।

ड्रिंकींग वॉटर का उत्पादन करते वक़्त ये सब बाते ध्यान रखे

 पकेज्ड ड्रिंकींग वॉटर के लिए संभवत: बोअरवेल का ही पानी लिजिए। खुदकी जगह में ऐसा बोअरवेल लगाकर जमीन के अंदर के पानी का उपयोग फिल्ट्ररायझेशन के लिए किजीए ।

बोअरवेल खुदाई काम करते वक्त जहाँ कुपनलिका खुदाई काम होनेवाला है उसके आसपास पचास से सौ फीट अंतरपर गटर अथवा ड्रेनेज का नाला न हो । उत्पादन के पास ही यदि रासायनिक द्रव्यों की कंपनी हो तो और वे उनका प्रदुषित पानी यदि जमीन मे छोड़ते हो तो ऐसा पानी एक जैसी जमीन के अंदर मिल जाने से उनमें से रासायनिक द्रव का अंश होनेवाला पानी हमारे बोअरवेल में आने की संभावना होती हैं।

इसलिए आसपास ऐसा प्रदूषित पानी जमीन में मिलता हैं क्या अथवा ऐसे दुषित पानी का प्रवाह आसपास कहीं बहता हैं क्या यह देखकर बोअरवेल लगाओ। पानी शुद्धीकरण प्रकल्प में नियुक्त करनेवाले कुशल-अकुशल मजदूर यह तम्बाकु, गुटखा जैसी व्यसनों से दूर हो ।

 संभवतः साधारण तौर पर निरोगी मजदूर लीजिए। फिल्टर प्लँट और पैकेजींग प्लांट में काम करनेवाले मजदूरों को काम करते वक्त सिर पर के बाल वगैरा पानी में न गिरे, इसलिए कॅप, हाथों को ग्लोज, एप्रन आदि साधन-सामग्री उपयोग में लाने के लिए नियम करें ।

 शुद्धीकरण प्रकल्प की खुद की लॅब हो। हररोज प्रत्येक बॅच का पानी जाँचकर निश्चिती करके ही पैकींग कीजिए । पानी की बोतलें प्लॅस्टीक वस्तुएँ तैयार करनेवाली कंपनी की ओर से हमें जैसे चाहिए वैसी डिझाईन के अनुसार ऑर्डर देकर करके लीजिए अथवा बोतलें तैयार करने का अलग प्लांट तैयार कर सकते हैं ।

 बाजार में भेजी हुई पानी की बोतलों की उत्पादन तारीखें बैच नंबर, एक्सपायर तारीख इनकी दर्ज रिकॉर्ड को रखिए। शुद्धीकरण प्रकल्प के अंर्तबाह्य और आसपास स्वच्छता हो।

 मार्केट :

ग्रामीण और शहरी सभा जगहों पर ग्राहक उपलब्ध होनेवाला उत्पादन है। परंतु उत्पादन के बिक्री का उद्दीष्ट पूर्ण करने के लिए उचित वितरण प्रणाली अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं । आपका प्लँट कितना बड़ा हैं, उसकी रोज की फिल्टरायझेशन और पैकींग क्षमता कितनी है इसका अध्ययन करके माल ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए खुद उत्पादक मालिक ने ही वितरण प्रणाली की ओर पूर्णत: ध्यान देना आवश्यक हैं ।

चार से आठ हजार लीटर फिल्टरायझेशन क्षमता हो तो तैयार होनेवाला माल व्यवस्थित वितरीत होने के लिए डिलर्स की और एजन्सी की नियुक्ति कीजिए । सबसे पहले अपने स्थानिक का बाजार अपने माल के लिए उपलब्ध हो इसके लिए खुद मार्केटींग कीजिए ।

मार्केट मे माल कैसे बेचे

 होटल, रेस्तरों, कंपनियाँ, कारखाने, बसस्थानक और रेलस्थानक के पास की दुकाने यहाँ खुद अथवा बिक्री – प्रतिनिधियों के साथ जाकर हर काउंटर को भेंट देकर माल बेचिए। दुकानदार और रिटेल बिक्रेता ये अपना उत्पादन बिक्री के लिए रखें इसलिए उन्हें अलग-अलग स्कीम्स् दीजिए।

 पॅकेज्ड ड्रिंकींग वॉटर का उत्पादन खर्चा कम होता हैं और एम्.आर.पी. उस दृष्टी से अधिक होती हैं। खुद के लिए शुरु में थोड़ा कम मार्जिन रखकर रिटेल विक्रेताओं को अधिक मार्जिन दीजिए ।

 बाजार में होनेवाले अन्य स्पर्धक उत्पादनों की तुलना में एक-दो रुपया कम कीमत से उत्पादन बेचो ऐसा विक्रेताओं को समझाईए । (B.I.S) के सभी नियमों का कठोरता से पालन करके, उत्तम दर्जे का उत्पादन बनाओ। डिजिटल बैनर्स, स्टिकर्स, इनकी मदद से विज्ञापन भी कीजिए ।

 बड़ी कंपनियाँ, कार्यालये, बैंकों इन्हें बीस लीटर के पारदर्शक कॅन में से पानी की आपूर्ति करें। उनकी ऑर्डर तुरंत पहुँचाईए। इसके लिए बुकींग नंबर दीजिए । फोन आते ही जितने कम समय में संभव है, उतने कम समय में ऑर्डर पहुँचा दीजिए।

 बोतलें और कॅन इन्हें व्यवस्थित सिलींग करें। अपने उत्पादन के स्थान से दूर के बाजार को माल पहुंचाने के लिए एजन्सीज और डिलर्स की नियुक्ती कीजिए । उनके ऑर्डर के अनुसार माल उन्हें उनके स्थानतक पहुंचा दिजिए ।

वहाँ से आगे प्रत्यक्ष रिटेल काउंटर तक माल पहुंचाने के लिए हौदा रिक्शा जैसा कौन-सा वाहन उनके पास हैं यह देखें अथवा ऐसी व्यवस्था होनेवालो को ही एजन्सी दीजिए । पॅकेज्ड ड्रिंकींग वॉटर उत्पादन और बिक्री व्यवसाय में खूब स्पर्धा है।

बाजार में स्पर्धक उत्पादनें हो तो भी नया उद्योग शुरु करनेवाले उद्योजकों को भी उसमें भरपूर मौका हैं। सरकारी मंजूरी (परवाने) लेकर, अध्ययन करके, मार्केट रिसर्च करके ही उत्पादन की शुरुवात कीजिए।

 रॉ मटेरियल :

पानी यहीं कच्चा माल लगेगा और वितरण के लिए प्लास्टीक की पारदर्शक बोतलें, कॅन, लेबल्स ऐसा साहित्य लगेगा

 मशीनरी :

रिव्हर्स ऑसमॉसीस मतलब ही आर. ओ. मशीन, सँड फिल्टर, कार्बन फिल्टर, सॉप्टनर, बोतलें पैकींग करनेवाली पैकींग मशीने और बोअर में से पानी निकालनेवाले सबमर्सिबल पंप, पानी की मोटर आदि मशीनरी जरुरी हैं।

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